Tuesday, August 16, 2022

Padma Bridge: बांग्लादेश में चीन ने बनाया पद्मा ब्रिज? शेख हसीना सरकार ने बताई सारी असलियत

Bangladesh Padma Bridge:HN/ बांग्लादेश ने एक नवनिर्मित सड़क पुल के निर्माण को चीन (China) की अरबों डॉलर की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) परियोजना से जोड़ने वाली खबरों को खारिज किया है. बांग्लादेश की तरफ से रविवार को कहा कि देश के सबसे लंबे पुल के लिए सरकार ने पूर्णरूपेण वित्तपोषण किया है और इसके निर्माण में किसी भी विदेशी धन का इस्तेमाल नहीं किया गया है. प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) 25 जून को लगभग 10 किलोमीटर लंबे ‘पद्मा ब्रिज’ (Padma Bridge) का उद्घाटन करेंगी.

इस पुल के जरिये सड़क मार्ग से बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र को राजधानी ढाका और देश के अन्य हिस्सों से जोड़ा जा सकेगा. बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह (पुल) बीआरआई से संबंधित नहीं है और बांग्लादेश ने इसके (पुल के) निर्माण के लिए कोई विदेशी धन नहीं लिया है. 

चीनी राष्ट्रपति ने 2013 में शुरू की थी बीआरआई परियोजना 

बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव अरबों डॉलर की ऐसी परियोजना है जिसे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा 2013 में सत्ता में आने के बाद शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को सड़क और समुद्री मार्गों के नेटवर्क से जोड़ना है. विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया पिछले हफ्ते ‘बांग्लादेश-चीन सिल्क रोड फोरम’ नामक एक समूह की इस घोषणा के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि 22 जून को ‘पद्मा ब्रिज: बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत बांग्लादेश-चीन सहयोग का एक उदाहरण’ पर एक परिचर्चा आयोजित की जाएगी. 

क्या कहा बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने?

समूह द्वारा मीडिया को निमंत्रण पत्र वितरित करने के कुछ घंटे बाद, विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर पुल के बीआरआई से संबंधित होने की खबरों का खंडन किया, जिससे आयोजकों को अपनी नियोजित चर्चा एक दिन बाद के लिए टालनी पड़ी है. विदेश कार्यालय के बयान में कहा गया है विदेश मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि कुछ वर्ग यह दर्शाने की कोशिश कर रहे हैं कि पद्मा बहु-उद्देशीय पुल का निर्माण विदेशी धन की सहायता से किया गया है और यह बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का एक हिस्सा है. बयान के अनुसार, पद्मा बहु-उद्देश्यीय पुल पूरी तरह से बांग्लादेश सरकार द्वारा वित्त-पोषित है और किसी अन्य द्विपक्षीय या बहुपक्षीय वित्त पोषण एजेंसी से किसी भी विदेशी धन का इस्तेमाल इसमें नहीं किया गया है. 

चीनी दूतावास ने किया ये दावा

इस बीच, एक चीनी दूतावास (China In Bangladesh) के प्रवक्ता ने ढाका में पत्रकारों को बताया कि पुल (Padma Bridge) पूरी तरह से बांग्लादेशी धन से बनाया गया है. प्रवक्ता ने यह भी कहा कि हमें गर्व है कि एक चीनी निर्माण कंपनी पद्मा ब्रिज के निर्माण में शामिल थी. उन्होंने कहा कि दशकों पहले हमारी मातृ नदी (पीली नदी) पर एक पुल बनाने वाली (चीन रेलवे मेजर ब्रिज इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) कंपनी ने चीन (China) के बाहर (पद्मा के ऊपर) पहला सबसे लंबा पुल बनाया है. हाईन्यूज़ !

Similar Posts