Monday, January 17, 2022

टीम इंडिया के DRS पर सवाल उठाते ही छलका इस पाकिस्तानी खिलाड़ी का दर्द, आपबीती सुनाकर कहा- अब आया समझ में

DRS पर बवाल साउथ अफ्रीका में मचा है. फैसला टीम इंडिया के खिलाफ गया है. उसका असर भारत-साउथ अफ्रीका केपटाउन टेस्ट (India vs South Africa Cape Town Test) के नतीजे पर पड़ना है. पर पाकिस्तान (Pakistan) में बैठे एक क्रिकेटर को तो जैसे अपने अंदर दबी भड़ास को निकालने का मौका ही लग गया. उसने इस मौके को भुनाया भी. 2011 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच में खुद के साथ घटी घटना को यादकर उसने कहा कि अब समझ आया. अपनी आपबीती को सुनाने के पीछे उसका मकसद भारतीयों को टारगेट करना था, जो तब DRS पर अलग ही राग अलाप रहे थे और अब उनके सुर अलग ही है. साउथ अफ्रीका में DRS पर मचे बवाल पर सवाल उठाने वाली टीम इंडिया पर निशाना साधने वाले इस पाकिस्तानी खिलाड़ी का नाम है सईद अजमल (Saeed Ajmal).

मामले की शुरुआत DRS को लेकर घटी उस ताजातरीन घटना से करते हैं जो साउथ अफ्रीका में हुई है. साउथ अफ्रीका की पारी के 21वें ओवर में बाएं हाथ के बल्लेबाज डीन एल्गर अश्विन की चौथी गेंद को डिफेंड करने की कोशिश में चूक गए और वो गेंद उनके पैड पर जाकर लगी. भारत की अपील को अंपायर मराय इरासमस ने मान लिया और आउट दिया. लेकिन आखिरी वक्त पर एल्गर ने DRS ले लिया और यहीं से बवाल शुरू हुआ.

भारत के सवाल उठाते ही अजमल को मिला मौका

DRS में फैसला पलट गया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. खुद एल्गर को आउट करार देने वाले अंपायर मराय इरासमस भी हैरान थे. ये फैसला आने के तुरंत बाद भारतीय खिलाड़ी अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख सके और उन्होंने टिप्पणियां शुरू कर दी. DRS तकनीक पर सवाल खड़े करने लगे. बस यही नजारा पाकिस्तानी खिलाड़ी सईद अजमल के लिए अपनी आपबीती बयां करने का मौका बन गया.

एल्गर आउट पर सवाल क्यों?- अजमल

सईद अजमल ने कहा, ” मैंने डीन एल्गर के रिव्यू को काफी बार देखा. उसे देखकर कोई नहीं कह सकता कि बॉल ओवर द स्टंप जा रही है. साफ दिख रहा है कि बॉल उनके घुटनों पर लग रही है और वो आउट हैं.” लेकिन टीम इंडिया सवाल क्यों खड़ी कर रही है. 2011 वर्ल्ड कप में जब मेरी गेंद पर सचिन तेंदुलकर का फैसला पलट दिया गया था, तब तो भारत ने कहा था कि DRS विश्वसनीय और सटीक तकनीक है. तो फिर अब वही ये क्यों कह रहे हैं कि DRS तकनीक विश्वसनीय और सही नहीं है. सिर्फ इसलिए कि फैसला आपके खिलाफ गया. 2011 वर्ल्ड कप में मेरी गेंद पर भी सचिन तेंदुलकर को आउट नहीं दिए जाने का कोई तुक नहीं था. साल 2011 में मेरी गेंद भी स्टंप वैसे ही नहीं मिस कर रही थी, जैसे केपटाउन में एल्गर के खिलाफ अश्विन की भी नहीं कर रही थी. हाईन्यूज़ !

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