Monday, January 17, 2022

मध्यप्रदेश: कांग्रेस ने राज्यपाल मुर्दाबाद के नारे लगाए, CM शिवराज बोले- धैर्य के साथ अब विवेक भी खो चुके कांग्रेसी

नेमावर हत्याकांड के विरोध में मंगलवार को भोपाल (Bhopal) में निकाली गयी ‘न्याय यात्रा’ के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) एवं सज्जन सिंह वर्मा को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मिलने की अनुमति नहीं मिलने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के खिलाफ कथित तौर पर नारेबाजी की और अमर्यादित टिप्पणी भी की. नेमावर कस्बे में पिछले वर्ष एक आदिवासी परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के बाद इनके शव खेत में दफना दिए गए थे. पुलिस ने 29 जून को पांचों शव बरामद किए. इस हत्याकांड के विरोध में इस परिवार की बच्ची न्याय यात्रा निकाल रही है और नेमावर से 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर 11वें दिन भोपाल पहुंची थी.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी की कड़ी निंदा की है और राज्य सरकार से सिंह एवं वर्मा सहित अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने राज्यपाल के निवास के बाहर सिंह एवं अन्य प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी में कहा, ‘‘हमें तो यह गर्व था कि एक आदिवासी व्यक्ति को मध्य प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है. हमें क्या पता था कि यह कोरोना से डरने वाले राज्यपाल हैं, जो अपने वर्ग को न्याय नहीं दिला सकते, ऐसी जिन्दगी से मौत भली है.’’

मुर्दाबाद के लगाए नारे

इसके बाद वहां दिग्विजय सिंह एवं वर्मा की मौजूदगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘गवर्नर साहब मुर्दाबाद’ के नारे लगाये. हालांकि बाद में न्याय यात्रा निकालने वाली लड़की भारती के परिवार के केवल पांच लोगों को राज्यपाल से मिलने राजभवन में अंदर जाने की अनुमति दी गई और उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा. राजभवन पहुंचने पर सिंह ने 10 लोगों को मुलाकात करने की वहां मौजूद पुलिस अधिकारी से अनुरोध किया था.

इस मामले पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ‘‘कांग्रेस के नेता धैर्य ही नहीं, विवेक भी खोते जा रहे हैं. संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर ऐसी ओछी टिप्पणी न केवल राजनैतिक मर्यादाओं का हनन है, अपितु सबके कल्याण की कामना करने वाली भारतीय परंपरा का भी अपमान है. आपकी यह टिप्पणी हृदय प्रदेश के हृदय पर आघात है.’’

गृहमंत्री ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट किया, ‘‘बेहद शर्मनाक एवं निंदनीय. प्रदेश के संवैधानिक शीर्ष पर विराजमान राज्यपाल मंगूभाई पटेल जी के लिए कांग्रेस नेताओं की यह टिप्पणी मर्यादाहीन ही नहीं निंदनीय भी है. आदिवासी भाई-बहनों के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले कांग्रेस नेता अपनी बौखलाहट में सामान्य शिष्टाचार भी भूल गए हैं.’’

मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं का अपमान किया है और आज जिस तरह राजभवन के सामने दिग्विजय, वर्मा और अन्य नेताओं ने राज्यपाल पद की गरिमा को गिराने और प्रदेश के वातावरण को बिगाडने की कोशिश की, वह बेहद निदंनीय है.

शर्मा ने कहा कि नेमावर में हुई घटना बेहद गंभीर घटना है. सरकार ने उस पर संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई की है और आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. जहां तक सीबीआई जांच की बात है मुख्यमंत्री चौहान ने इस संबंध में स्वयं संज्ञान लेकर सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेमावर घटना को लेकर सिर्फ राजनीति कर रही है. कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है तो वह जनता को भ्रमित करने के प्रयास कर रही है.

भीम आर्मी के समर्थन में निकाली न्याय यात्रा

अरेरा हिल्स पुलिस थाना प्रभारी आर के सिंह ने बताया, ‘‘पीड़ित परिवार की लड़की भारती ने कांग्रेस एवं भीम आर्मी के समर्थन से यह ‘न्याय यात्रा’ निकाली थी. ये आज यहां सिंधु भवन से राजभवन तक रैली निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें कांग्रेस मुख्यालय के पास रेडक्रॉस पर रोक दिया. हमने केवल 8-10 लोगों को राजभवन जाने की इजाजत दी और दिग्विजय सिंह सहित इन्हें पुलिस वाहन में राजभवन ले गयी, जहां इस परिवार के पांच लोगों ने राज्यपाल को ज्ञापन दिया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने किसी को गिरफ्तार नहीं किया और न ही किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया है.’’ हाईन्यूज़ !

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