Monday, January 17, 2022

MP Panchayat Chunav: गांव की सरकार बनाने वालों के लिए Good News? पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटा चुनाव आयोग

भोपाल:HN/ पंचायत चुनाव (MP Panchayat Election New Voter List) के लिए वोटर लिस्ट नए सिरे से अपडेट होगी. इसके लिए 1 जनवरी 2022 की स्थिति को देखते हुए सूची तैयार की जाएगी. बता दें नए सिरे से परिसीमन के बाद वोटर्स को उनके क्षेत्र के अनुसार वोटर लिस्ट में जोड़ा जाएगा. वोटर लिस्ट अपडेट करने की तैयारियों को लेकर 14 जनवरी को एक बैठक भी होनी है. मामले पर जमकर राजनीति भी हो रही है. कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) आमने सामने है. 

पंचायत चुनाव पर सियासत तेज
मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव निरस्त होने के बाद से लगातार इस मुद्दे पर जमकर सियासत हो रही है. चुनाव निरस्त होने के बाद पंचायतों के संचालन को लेकर घमासान मचा हुआ है. इस बीच अब शिवराज सरकार ने जल्द ही पंचायतों का परिसीमन कराए जाने का आदेश जारी कर दिया है. इसके बाद कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा और बीजेपी ने भी तुरंत पलटवार शुरू कर दिया. 

राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियां 
एक तरफ पंचायत चुनाव के लिए नई वोटर लिस्ट बनाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. ये ट्रेनिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी जाएगी. इसे लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. दूसरी तरह मामले पर राजनीति चरम पर है. पंचायतों को परिसीमन का आदेश जारी होने के बाद कांग्रेस का कहना है कि 2019 में कमलनाथ सरकार ने जो परिसीमन किया था वो ही सही है. इस कारण 2019 के आधार पर चुनाव कराए जाएं.

‘पंचायतो का कांग्रेसीकरण नहीं होने देंगे’
इस पर कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने कहा शिवराज सरकार ने ये फैसला कांग्रेस के दबाव में लिया गया है. मामले पर पीसीसी चीफ कमलनाथ ने चेतावनी दी थी कि 2 माह के अंदर चुनाव नहीं हुए तो आंदोलन करेंगे. इस दबाव के चलते सरकार ने ये फैसला लिया है. कांग्रेस का बयान आते ही तुरंत बीजेपी ने भी पलटवार किया और कहा शिवराज सरकार नियमों के हिसाब से काम कर रही है, लेकिन हम पंचायतो का कांग्रेसीकरण नहीं होने देंगे. परिसीमन जनता के हित में है और जरूरी है, इसलिए नए सिरे से परिसीमन होगा. रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार के दौरान पंचायतों का जो परिसीमन हुआ था, वो कांग्रेस का परिसीमन था. उस दौरान परिसीमन के माध्यम से पंचायतों का कांग्रेसीकरण किया गया था. हाईन्यूज़ !

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