Monday, January 17, 2022

‘चाभियां दफ्तर में रखी हैं’ यह कहकर दूतावास छोड़ कर चले गए अफगानिस्तान के राजदूत, तालिबान के आने के बाद से नहीं मिल रही थी सैलरी

चीन में अफगानिस्तान (Afghanistan) के राजदूत जाविद अहमद काएम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने ट्विटर पर बताया कि देश पर तालिबान के कब्जे के बाद उन्हें कई महीनों से सैलरी नहीं मिल रही थी. जनवरी में एक लेटर पोस्ट करते हुए काएम ने कहा कि दूतावास (Embassy) के कई राजनयिक पहले ही अपनी नौकरी छोड़ चुके हैं क्योंकि अगस्त से बाद से काबुल (Kabul) से उन्हें सैलरी नहीं मिली. उन्होंने कहा, ‘कई कारण हैं, निजी और प्रोफेशनल दोनों, लेकिन मैं उन्हें यहां बताना नहीं चाहता.’

अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद से मानवीय संकट (Humanitarian Crisis) भी गहराता जा रहा है. वहीं चीन की बात करें, तो वह अफगानिस्तान से छोटी सीमा साझा करता है और तालिबान के आने के बाद से भी देश को मदद पहुंचा रहा है. जाविद अहमद काएम ने बताया कि दूतावास के लिए नए शख्स को नियुक्त किया गया है, जिसका नाम सादत है. हालांकि अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी. ना ही ये बताया है कि काएम की जगह कौन लेगा.

चीनी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मंगलवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि काएम चीन छोड़कर जा चुके हैं. उन्होंने ये नहीं बताया कि वह कहां और कब जाएंगे. तालिबान की बात करें, तो इस संगठन ने बीते साल 15 अगस्त को अफगानिस्तान को अपने कब्जे में ले लिया था (Taliban Capture Afghanistan). इसी दिन देश की पश्चिम समर्थित सरकार भी गिर गई. चीन सहित किसी भी देश ने तालिबान की सरकार को मान्यता नहीं दी है. तालिबान के आने से अफगानिस्तान पर कई प्रतिबंध लग गए, जिसके कारण इस देश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है.

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