Monday, January 17, 2022

MP Politics: Scindia की करीबी इमरती देवी के बयान पर मचा सियासी बवाल, BJP ने अरुण यादव और Digvijay Singh को भी घसीटा

ग्वालियरःHN/ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी (BJP) में आईं इमरती देवी (Imarti Devi) के बयान पर सियासी बवाल शुरू हो गया है. मामले पर दोनों पार्टी एक दूसरे पर बयानी वार कर रही हैं. कांग्रेस (Congress) ने तंज कसते हुए कहा बीजेपी के नेता टाट पट्टी बिछाएंगे और दल बदलू नेता टिकट पाएंगे. कांग्रेस ने इमरती के बयान को निशाना बनाते हुए कहा इमरती खुद कह रही हैं कि मैं सिंधिया (jyotiraditya scindia) की हूं. बीजेपी से कोई नाता नहीं. बीजेपी की वजह से चुनाव हार गई. यही नई बीजेपी है.

‘कांग्रेस के पास जनहित का मुद्दा नहीं’
उधर कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास जनहित का मुद्दा नहीं है, इसलिए इमरती देवी के बयानों पर कांग्रेस का ध्यान ज्यादा है. इमरती देवी के अपने बयान पर दी सफाई पर बीजेपी ने कहा इमरती देवी के बयान का आशय था कि बीजेपी में उनका कद बढ़ा है. कैबिनेट का दर्जा भी प्राप्त हुआ है. इसके साथ ही इमरती के महाराज के साथ बताने वाले बयान को बीजेपी ने व्यक्तिगत आस्था कहा. बीजेपी ने कहा व्यक्तिगत आस्था दिल से बनी रहती है. 

‘अरुण यादव और दिग्विजय सिंह पर ध्यान दें’
बीजेपी ने ये दावा तक किया कि इमरती देवी की भाजपा के प्रति पूर्ण निष्ठा है. बीजेपी प्रवक्ता और विधायक यशपाल सिसोदिया ने कहा जो बीजेपी में आता है, वो दिल से भी बीजेपी दल का हो जाता है. वहीं बीजेपी ने कांग्रेस को सलाह दी कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों को उठाए. इमरती देवी के बजाय अरुण यादव और दिग्विजय सिंह पर ध्यान दें. मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री इमरती देवी इन दिनों अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा था कि उन्हें हार का सामना इसलिए करना पड़ा क्योंकि उन्होंने पार्टी बदल ली थी. उन्होंने अपने इसी बयान पर अगले दिन सफाई तो दी लेकिन साथ में यह भी कहा कि हम बीजेपी की बात क्यों करें हम तो महाराज के साथ थे. 

‘जहां महाराज वही हम’
ग्वालियर में एक कार्यक्रम में पूर्व मंत्री इमरती देवी से पूछा गया कि पार्टी बदलने के चलते आपको हार का सामना करना पड़ा. इस पर आपका क्या कहना है तो इमरती देवी ने कहा कि ”मैं कांग्रेस में क्यों रहती जहां महाराज थे वहीं चली गई. हमारी तो जिंदगी उन्हीं के लिए है. चुनाव हार गए तो क्या हुआ फिर जीतेंगे, प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक चुनाव हार जाते हैं. जनता में हमारी कुछ कमी रह गई होगी, उसे पूरा करेंगे और 2023 में फिर से चुनाव जीतेंगे.” हाईन्यूज़ !

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