Monday, January 17, 2022

150 मासूमों का हत्यारा पाकिस्तान का मोस्ट वांटेड आतंकी मोहम्मद खुरासानी अफगानिस्तान में ढेर, TTP का कमांडर था दहशतगर्द

प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का प्रवक्ता और आतंकवादी समूह का सबसे वांटेड कमांडर खालिद बटली (Khalid Batli) उर्फ ​​मोहम्मद खुरासानी (Mohammad Khurasani) पाकिस्तान (Pakistan) सीमा से लगे अफगानिस्तान (Afghanistan) के पूर्वी नांगरहार प्रांत (Eastern Nangarhar province) में मारा गया है. पाकिस्तान (Pakistan) के रक्षा सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी. TTP ने पाकिस्तान में कई हमलों को अंजाम दिया है. इसमें 2014 में सैन्य स्कूल पर किया गया हमला, सबसे वीभत्स था, जिसमें 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी.

रक्षा सूत्रों ने विस्तृत जानकारी दिये बिना यहां बताया कि TTP कमांडर खुरासानी अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत में मारा गया है. उन्होंने बताया कि वह पाकिस्तान में नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों की हत्या में शामिल था. एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने खुरासानी के मारे जाने की पुष्टि की, लेकिन इससे जुड़ी परिस्थितियों के बारे में विवरण साझा करने से इनकार कर दिया. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, पाकिस्तान में एक अधिकारी ने कहा, ‘हम लोग अफगानिस्तान से सूचना इकट्ठा करने में जुटे हुए हैं कि आखिर खुरासानी का कैसे पता लगाया गया और उसे ढेर किया गया.’ अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि आतंकी को किसने ढेर किया है.

2014 में TTP का प्रवक्ता बना खुरासानी

मोहम्मद खुरासानी पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र का रहने वाला था. वह 2007 के आसपास खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात इलाके में चरमपंथी रैंक में शामिल हो गया. सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, वह आतंकवादी नेता मुल्ला फजलुल्लाह (Mullah Fazlullah) का करीबी बन गया, जो आगे चलकर TTP का चीफ बना. खुरासानी को 2014 में TTP का प्रवक्ता नियुक्त किया गया था और तब से उसने आतंकियों के प्रचार अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सूत्रों ने कहा कि वह हाल ही में TTP प्रमुख मुफ्ती नूर वली महसूद के नेतृत्व में विभिन्न आतंकवादी गुटों को एकजुट करने के लिए सक्रिय हो गया था.

TTP और पाकिस्तानी सेना के संघर्ष विराम टूटने के बाद हुई हत्या

पिछले साल अगस्त में तालिबान के सत्ता में आने के बाद खुरासानी अक्सर काबुल की यात्रा कर रहा था. इससे पहले, वह खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakthunkhwa) के उत्तरी वजीरिस्तान कबायली जिले में एक आतंकवादी ठिकाने का प्रबंधन कर रहा था, लेकिन 2014 में ऑपरेशन जर्ब-ए-अजब (Zarb-i-Azab Operation) के दौरान अफगानिस्तान भाग गया. उसकी हत्या TTP और पाकिस्तान सेना (Pakistan army) के बीच एक महीने के संघर्ष विराम के टूटने के बाद हुई. TTP ने 9 नवंबर, 2021 से एक महीने के लिए सभी हमलों को रोकने की घोषणा की थी.

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