Monday, January 17, 2022

जब आपस में भिड़ गये भारतीय खिलाड़ी, एकदूसरे को दी गालियां, पीटने तक की धमकी दी, अंपायर को भी दिया था धक्का

क्रिकेट के मैदान में जीत के लिए खिलाड़ी सब कुछ दांव पर लगा देते हैं. बल्लेबाज जमकर रन बनाता है, गेंदबाज भी विकेट लेने के लिए सारी कोशिश करते हैं. फील्डर जबर्दस्त डाइव लगाकर कैच लपकते हैं और जीत हासिल करने की इसी धुन में अकसर खिलाड़ी अपनी सीमाएं भी लांघते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ था भारत के दो स्टार बल्लेबाजों के बीच. साल 2015…दिल्ली का फिरोजशाह कोटला स्टेडियम (अरुण जेटली स्टेडियम) दिल्ली और बंगाल के बीच मुकाबला. इस मैच के दौरान भारत के दो बल्लेबाज एक-दूसरे से भिड़ गए. बात यहां तक पहुंच गई कि अंपायर को भी धक्का दे दिया गया.

ये विवाद हुआ था गौतम गंभीर और मनोज तिवारी के बीच. गंभीर दिल्ली की कमान संभाल रहे थे और मनोज तिवारी बंगाल के लिए मैदान पर उतरे हुए थे. अचानक इन दोनों के बीच लड़ाई शुरू हो गई. दोनों के बीच बहस इतनी ज्यादा हो गई कि गंभीर ने मनोज तिवारी को ग्राउंड के बाहर पीटने की धमकी तक दे डाली. मनोज तिवारी भी खामोश नहीं रहे और काफी देर तक ये ड्रामा चलता रहा. आखिर उस दिन हुआ क्या था? क्यों गंभीर और मनोज तिवारी जैसे सीनियर खिलाड़ी आपस में लड़ने लगे? TV9 हिंदी के Friday Fight Special में पढ़िए गंभीर-मनोज तिवारी की लड़ाई की कहानी.

गौतम और मनोज तिवारी की ‘गंभीर’ लड़ाई!

प.बंगाल की बल्लेबाजी चल रही थी. शुरुआत बेहद खराब रही. मनन शर्मा की गेंद पर बंगाल के बल्लेबाज पार्थसार्थी भट्टाचार्य आउट हो गए और क्रीज पर कदम रखा मनोज तिवारी ने. मनोज तिवारी टोपी पहनकर क्रीज पर आए. तिवारी ने अपना बैटिंग गार्ड लिया और वहीं से ड्रेसिंग रूम की ओर इशारा किया. तिवारी ने हेलमेट मंगाया क्योंकि दिल्ली ने तेज गेंदबाज अटैक पर लगाया था. दिल्ली के खिलाड़ियों को लगा कि मनोज तिवारी समय बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं. मनन शर्मा ने बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी को गुस्से में कुछ शब्द कहे.

इसके तुरंत बाद स्लिप में खड़े दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर भड़क गए. गौतम गंभीर ने स्लिप से ही मनोज तिवारी को गाली दी और गाली सुनते ही मनोज तिवारी ने भी पलटवार किया. अचानक गंभीर ने मनोज तिवारी को पीटने की धमकी दे डाली. गंभीर बोले- शाम को मिल तुझे मारूंगा. मनोज तिवारी ने तुरंत जवाब दिया- शाम क्या अभी बाहर चल. ये सुनकर गंभीर स्लिप से आगे आए और मनोज तिवारी की ओर बढ़े. मनोज तिवारी भी उनकी ओर बढ़ने लगे और ये सब देखकर अंपायर श्रीनाथ बीच-बचाव करने पहुंचे. लेकिन गंभीर ने गुस्से में आकर अंपायर को भी धक्का दे दिया. इस दौरान मनोज तिवारी चिल्लाए- क्या मैंने तुम्हें कुछ कहा था, तुम बीच में क्यों आए? इसके बाद किसी तरह दोनों खिलाड़ियों को रोका गया और खेल शुरू हुआ. हालांकि इस घटना के बाद मैच रेफरी वाल्मिक बुच ने दोनों खिलाड़ियों को समन भेजा.

गंभीर और मनोज तिवारी के बीच क्यों हुआ था पंगा?

मीडिया के सामने भी शांत नहीं हुए गंभीर-तिवारी

बता दें मनोज तिवारी दिन का खेल खत्म होने के बाद भी शांत नहीं हुए. दोनों ने मीडिया के सामने आकर अपनी-अपनी बात रखी. तिवारी ने कहा, ‘मैं गौतम गंभीर की काफी इज्जत करता हूं उन्होंने देश के लिए काफी कुछ किया है. लेकिन आज उन्होंने अपनी सारी सीमाएं लांघ दी और मुझपर निजी टिप्पणी की. मैं वो सब सुनकर हैरान था. मैंने लड़ाई शुरू नहीं की.’

गौतम गंभीर ने मीडिया के सामने अंपायर को धक्का देने की बात से ही इनकार कर दिया. उन्होंने मनोज तिवारी पर ही आरोप लगाया कि उन्होंने तेज गेंदबाज प्रदीप सांघवान को धक्का दिया था. गंभीर ने कहा, ‘मैंने कभी किसी अंपायर को धक्का नहीं दिया और ना ही मैंने मनोज तिवारी को धमकी दी. मैं मैच रेफरी के सामने पेश हुआ हूं और उन्होंने ये माना कि उनके पास अंपायर को धक्का देने का कोई वीडियो उनके पास नहीं है. मनोज तिवारी का वो वीडियो जरूर मैच रेफरी के पास है जिसमें वो सांगवान को धक्का दे रहे हैं.’ बता दें मनोज तिवारी और गौतम गंभीर दोनों ही आक्रामक स्वभाव के खिलाड़ी हैं. दोनों ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और दिलचस्प बात ये है कि तिवारी और गंभीर दोनों राजनीति के क्षेत्र में खूब नाम कमा रहे हैं. मनोज तिवारी बंगाल के खेल मंत्री हैं और गंभीर बीजेपी के सांसद. हाईन्यूज़ !

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