Tuesday, April 13, 2021
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कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण 1 मार्च से शुरू होगा, कहां करें रजिस्टर, क्या है सारी प्रक्रिया, जानिए जरूरी बातें

नई दिल्ली:HN/ भारत में राष्ट्रव्यापी कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत 16 जनवरी को हो गई थी. सबसे पहले हैल्थ केयर वर्कर्स और 2 फरवरी से फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन देना शुरू किया गया. अब एक मार्च से 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी. साथ ही 45 साल से ज्यादा उम्र के वो लोगों भी वैक्सीन की डोज दी जाएगी जिन्हें गंभीर बीमारी है. इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकारों ने तैयारी पूरी कर ली है. जहां केंद्र सरकार के अस्पतालों में ये वैक्सीन डोज मुफ्त में दी जाएगी तो निजी अस्पताल में इसके लिए 250 रुपए की अधिकतम सीमा तय कर दी गई है.

शनिवार को इस बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए के टीकाकरण पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और एमडी नेशनल हैल्थ मिशन के साथ बातचीत की. जिसमें उन्हें पूरे टीकाकरण के बारें में विस्तृत जानकारी दी गई. राज्यों को बताया गया कि कौन-कौन से सरकारी और निजी अस्पताल इसमें शामिल हो सकते है. वहीं 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों किन गंभीर बीमारी में ये वैक्सीन दी जाएगी इसकी लिस्ट की भी जानकारी दी गई है.

सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्र पर टीकाकरण का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी और इन सेंटर पर मुफ्त टीकाकरण किया जाएगा. वहीं राज्यों में निजी अस्पतालों में बने कोविड वैक्सीन सेंटर पर वैक्सीन की अधिकतम कीमत 250 रुपये होगी. CoWIN 2.0 के प्रभावी उपयोग की सुविधा के लिए निजी सुविधाओं को भी यूजर नाम और पासवर्ड दिया जा सकता है.

वहीं 45 से 59 साल के लोग जिन्हें गंभीर बीमारी है, जिन्हें वैक्सीन लगनी है उसकी लिस्ट भी तैयार कर ली है. साथ ही रजिस्टर्ड डॉक्टर के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट का फॉरमेट भी तैयार कर लिया गया है. केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए फॉरमेट में बीमारी की डिटेल के साथ फोटो आईडी प्रूफ का जिक्र और डिटेल भी देनी होंगी. कुल 20 बीमारियों को कोमोरबीडीटी लिस्ट में शामिल किया गया है वैक्सीनेशन के लिए. ये बीमारियां है-

  1. Heart failure with hospital admission in past one year
  2. Post cardiac transplant/ Left Ventricular Assist Device (LVAD)
  3. Significant Left ventricular systolic dysfunction (LVEF < 40%)
  4. Moderate or Severe Valvular Heart Disease
  5. Congenital heart disease with severe PAH or Idiopathic PAH
  6. Coronary Artery Disease with past CABG/ PTCA/ MI and Hypertension/ Diabetes on treatment
  7. Angina and Hypertension/ Diabetes treatment
  8. CT/MRI documented stroke and Hypertension/Diabetes on treatment
  9. Pulmonary artery hypertension and Hypertension/ Diabetes on treatment
  10. Diabetes (>10 years or with complication) and Hypertension on treatment
  11. Kidney/Liver/Hematopoietic stem cell transplant: Recipient/ On wait-list
  12. End stage Kidney Disease on haemodialysis/ CAPD
  13. Current prolonged use of oral corticosteroids/ immunosuppressant medications
  14. Decompensated cirrhosis
  15. Severe respiratory disease with hospitalisations in last two years/ FEVI <50%
  16. Lymphoma/ Leukaemia/ Myeloma
  17. Diagnosis of any solid cancer on or after July 1, 2020 or currently on any cancer therapy
  18. Sickle Cell Disease/ Bone marrow failure/ Aplastic Anemia/ Thalassemia Major
  19. Primary Immunodeficiency Diseases/ HIV infection
  20. Persons with disabilities due to Intellectual disabilities/ Muscular Dystrophy/ Acid attack with involvement of respiratory system/ Persons with disabilities having high support needs/ Multiple disabilities including deaf-blindness

कोरोना टीकाकरण क्षमता को कई गुना करने के लिए, बड़ी संख्या में निजी सुविधाओं यानी प्राइवेट हैल्थ सेक्टर को भी शामिल किया जा रहा है. आयुष्मान भारत PMJAY के तहत एम्पेनलेड लगभग 10,000 निजी अस्पतालों को, सीजीएचएस के तहत 600 से ज्यादा अस्पतालों और राज्य सरकार के अधीन अन्य निजी अस्पतालों में सूचीबद्ध किया गया.

स्वास्थ्य बीमा योजनाएं COVID टीकाकरण केंद्र (CVC) के रूप में भाग ले सकती हैं. राज्य सरकारों के स्वास्थ्य विभागों ने पहले ही इन निजी अस्पतालों के साथ बातचीत शुरू कर दी है ताकि उन्हें सीवीसी के रूप में इस अभियान में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. इसके अलावा, सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी जिनका उपयोग कोरोना वैक्सीन सेंटर के रूप में किया जाएगा. मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जिला अस्पताल, उप-विभागीय अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ सब सेंटर और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर. इन सभी निजी अस्पतालों की एक लिस्ट स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड की गई है.

पहले चरण में छूटे लोगों का भी लगेगा टीका
राज्यों और केंद्र शाषित प्रदेशों को डिजिटल प्लेटफॉर्म CO-Win के वर्जन 2.0 के बेसिक फीचर्स के बारे में बताया गया, जो कि कई हजारों एंट्रीज को प्रोसेस करने की क्षमता रखता है. इस चरण में मूलभूत बदलाव ये है कि चिन्हित आयु वर्ग के नागरिकों के साथ-साथ उन हेल्थ केयर और फ्रंटलाइन वर्कर जो वर्तमान वैक्सीनेशन ड्राइव से छूट गए हैं या रह गए हैं, वो भी अपने टीकाकरण केंद्रों का चयन कर सकते हैं. वहीं निजी अस्पतालों के जरिये टीकाकरण के काम को तेजी से और इसका विस्तार करने के लिए शामिल किया जा रहा है.
राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि निजी स्वास्थ्य सुविधाएं अनिवार्य रूप से उन्हें COVID टीकाकरण केंद्र के रूप में उपयोग करने के लिए निम्नलिखित होनी चाहिए:

  • उनके पास टीकाकरण प्रक्रिया के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए, जैसा कि मंत्रालय द्वारा जारी व्यापक एसओपी में बताया गया है.
  • वैक्सीन स्टोर करने के लिए उनके पास बुनियादी कोल्ड चेन उपकरण होना चाहिए.
  • उनके पास वैक्सीनेशन करने लिए वैक्सीनटेर और कर्मचारियों की अपनी टीम होनी चाहिए.
  • किसी भी AEFI मामलों के प्रबंधन के लिए उनके पास पर्याप्त सुविधा होनी चाहिए.

सभी लाभार्थियों, फोटो पहचान पत्र में से किसी एक को ले जाने की सलाह दी गई है, ये पहचान पत्र है-

  • आधार कार्ड
  • चुनावी फोटो पहचान पत्र (EPIC)
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के मामले में रजिस्ट्रेशन के समय दी गई फोटो आईडी कार्ड अगर आधार कार्ड या ईपीआईसी नहीं है तो
  • 45 से 59 साल के आयु वर्ग के नागरिकों के लिए कोमोरबीडीटी सर्टिफिकेट देना होगा वो भी एक रजिस्टर्ड मेडिकल डॉकटर द्वारा साइंड होना चाहिए.
  • हैल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्करों को रोजगार प्रमाण पत्र या आधिकारिक पहचान पत्र देना होगा जिसमें या फोटो और जन्म तिथि के साथ हो.

वहीं राज्य सरकारों को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कितनी सरल और किस तरह की जा सकती है इसकी भी जानकारी दी गई. रजिस्ट्रेशन तीन तरीके से किया जा सकता है.

  • एडवांस सेल्फ रजिस्ट्रेशन
  • ऑन साइट रेजिस्ट्रेशन
  • फेसिलिटटेड कोहॉर्ट रजिस्ट्रेशन

एडवांस सेल्फ रेजिस्ट्रेशन में लाभार्थी CO-WIN 2.0 को डाउनलोड करके या आरोग्य सेतु के जरिये खुद को रजिस्टर कर सकता है. इन एप में न सिर्फ सरकारी बल्कि प्राइवेट अस्पताल की लिस्ट होगी जो कोविड वैक्सीनेशन सेंटर है. यहां पर अपनी सुविधा अनुसार वो अस्पताल और समय तय कर सकते है. ऑन-साइट पंजीकरण की सुविधा उन लोगों को अनुमति देती है जो पहचान किए गए कोविड टीकाकरण केंद्रों में पहले से पंजीकरण नहीं कर सकते हैं और खुद को साइट पर पंजीकृत करवा सकते हैं और फिर टीकाकरण करवा सकते हैं.

दूसरे चरण में टीकाकरण अभियान से संबंधित जरूरी बातें
फेसिलिटटेड कोहॉर्ट रजिस्ट्रेशन में, राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश सरकार सक्रिय नेतृत्व करेगी. COVID टीकाकरण के लिए विशिष्ट तिथि निर्धारित की जाएगी जहां संभावित लाभार्थियों के टारगेट ग्रुप को टीका लगाया जाएगा. राज्य / संघ राज्य क्षेत्र के स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि लक्षित समूहों को सक्रिय रूप से जुटाया जाए और टीकाकरण केंद्रों तक लाया जाए. लक्ष्य समूहों को जुटाने के लिए आशा, एएनएम, पंचायती राज प्रतिनिधि और महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) का उपयोग किया जाएगा.

इन तीनों माध्यम के जरिये अगर कोई टीका लगवाता है तो उसका रजिस्ट्रेशन CO-WIN2.0 पर होगा. वहीं उसे डिजिटल क्यूआर कोड वाला सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा. ये सर्टिफिकेट लाभार्थियों को एसएमएस के जरिए आये लिंक से डाउनलोड करके मिलेगा.

सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर टीकाकरण नि: शुल्क होगा. लाभार्थी को उम्र के प्रमाण के लिए एक फोटो पहचान पत्र, आधार कार्ड या चुनावी फोटो पहचान पत्र (EPIC) कार्ड देना होगा. वहीं अगर 45 से 59 साल के बीच आयु है तो कोमोरबीडीटी सर्टिफिकेट दिखाना होगा. अगर कोरोना वैक्सीन को किसी भी निजी स्वास्थ्य सुविधा पर लेते है उसकी कीमत देनी होगी जो सरकार पहले से तय करेगी. हाईन्यूज़ !

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